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बिंदुखत्ता में फिर गूंजी राजस्व ग्राम की हुंकार, भारी बारिश के बीच हजारों ग्रामीणों ने निकाली विशाल रैली
जड़ सेक्टर से लालकुआं तहसील तक पहुंचे ग्रामीण, वर्षों पुरानी मांग को लेकर सरकार से ठोस निर्णय की अपील
लालकुआं/हल्द्वानी। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर रविवार को क्षेत्र में जोरदार जनआंदोलन देखने को मिला। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों से निकलकर रैली में शामिल हुए। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की भागीदारी ने रैली को व्यापक रूप दिया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर सरकार से बिंदुखत्ता को जल्द राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग उठाई।
रैली का आयोजन बिंदुखत्ता क्षेत्र के जड़ सेक्टर से किया गया। सुबह से ही अलग-अलग गांवों और बस्तियों से ग्रामीण कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे। मौसम खराब होने और लगातार बारिश के बावजूद लोगों के उत्साह में कमी नहीं दिखाई दी। बारिश से बचने के लिए लोग छाते और बरसाती लेकर पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
वर्षों से लंबित है राजस्व ग्राम की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि बिंदुखत्ता में बड़ी संख्या में लोग लंबे समय से निवास कर रहे हैं, लेकिन राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिलने के कारण उन्हें भूमि और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण चाहते हैं कि शासन स्तर पर लंबित प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर उन्हें स्थायी प्रशासनिक पहचान प्रदान की जाए।
रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोगों ने क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके बावजूद राजस्व ग्राम की मांग वर्षों से लंबित रहना क्षेत्रवासियों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले को केवल आश्वासन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अंतिम निर्णय लिया जाए।
जड़ सेक्टर से लालकुआं तहसील तक निकली रैली
जनसभा के बाद ग्रामीणों की रैली जड़ सेक्टर से रवाना हुई। रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए लालकुआं तहसील परिसर पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सामने रखा। रैली में राजस्व ग्राम की मांग के साथ क्षेत्र की अन्य समस्याओं को भी उठाया गया।
तहसील परिसर पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। ज्ञापन के माध्यम से शासन से राजस्व ग्राम की प्रक्रिया में तेजी लाने और क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।
गौला नदी से सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुख
रैली में गौला नदी से जुड़े खतरे और भू-कटाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने और कटाव के कारण आसपास के क्षेत्रों में खतरा बना रहता है। उन्होंने नदी किनारे स्थायी तटबंध निर्माण की मांग करते हुए कहा कि अस्थायी उपायों के बजाय दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना था कि राजस्व ग्राम का मुद्दा और क्षेत्र की सुरक्षा दोनों ही बिंदुखत्ता के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। इसलिए सरकार को इन मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
महिलाओं और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
रैली में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से दिखाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि यह लड़ाई केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ी है। लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को सरकार गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी।
अब कार्रवाई का इंतजार
रैली के बाद क्षेत्रवासियों में यह उम्मीद जगी है कि शासन और प्रशासन स्तर पर राजस्व ग्राम की मांग को लेकर आगे की प्रक्रिया तेज होगी। ग्रामीणों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग को लगातार उठाते रहेंगे और जब तक ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक इस मुद्दे को जनता के बीच जीवित रखेंगे।
भारी बारिश के बीच निकली इस विशाल रैली ने बिंदुखत्ता के राजस्व ग्राम आंदोलन को एक बार फिर मजबूती से सामने ला दिया है। अब क्षेत्रवासियों की नजर सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आश्वासन से आगे बढ़कर स्पष्ट निर्णय और समयबद्ध कार्रवाई की प्रतीक्षा है।