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तो जारी रहेगा आंदोलन', क्या हैं CJP की 3 मांगें, नड्डा से 10 मिनट की मुलाकात में क्या हुआ?

By SANGAM SHUKLA • 2026-07-20 17:26 • 134 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
तो जारी रहेगा आंदोलन', क्या हैं CJP की 3 मांगें, नड्डा से 10 मिनट की मुलाकात में क्या हुआ?

प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ CJP ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सोनम वांगचुक की रिहाई सहित तीन प्रमुख मांगें रखीं। जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ आंदोलन और संसद मार्च के बीच सोमवार को सरकार के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की पहली औपचारिक बातचीत हुई।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आंदोलनकारी संगठन के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका से अपने आवास पर मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर जाने पर उतारू थे, लेकिन पुलिस उन्हें संसद मार्ग पर रोकने की कोशिश कर रही थी।
नड्डा से प्रदर्शनकारियों की 10 मिनट की मुलाकात
नड्डा के जरिए सरकार की ओर से बातचीत शुरू होना अहम माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार सरकार ने आंदोलनकारियों से सीधे संवाद की पहल की है। हालांकि सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार की ओर से नड्डा को सीजेपी के साथ बात करने को कहा गया था। सुबह 11.50 पर शुरू हुई बैठक करीब दस मिनट चली। बताया जाता है कि नड्डा ने उनसे कहा कि आप अपनी मांगे लिखित रूप में दें।

सूत्रों के अनुसार सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने वहीं दूसरे कमरे में जाकर पूरे विचार विमर्श के ज्ञापन तैयार किया और शाम को फिर से नड्डा के साथ मुलाकात में उन्होंने वह ज्ञापन सौंपा।
4 बजे तक दिया लिखित ज्ञापन
नड्डा ने खुद भी शाम तीन बजे पोस्ट कर जानकारी दी और कहा- 'आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था और सुबह 11.50 से हमारी बातचीत जारी है। उनकी ओर से लगभग 4 बजे मुझे लिखित ज्ञापन दिया गया।'

यह पोस्ट इस लिहाज से विशेष था क्योंकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का संदेश भेजा गया था और सरकार तत्काल तैयार हो गई।

बाद जिसके बाद सीजेपी नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन नड्डा को सौंपा है। उन्होंने दावा किया कि नड्डा ने भरोसा दिया कि वह इन मांगों पर सरकार के भीतर चर्चा करेंगे।

इसके लिए उन्होंने कुछ मोहलत भी मांगी है। सूत्रों के अनुसार सरकार भी आंदोलन को लेकर अंदरूनी स्तर पर विचार-विमर्श कर रही है और आगे कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
क्या हैं CJP की तीन प्रमुख मांगे?
सीजेपी ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और नीट पेपर लीक के साथ प्रतियोगी परीक्षा विवादों से जुड़े उन सभी छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, जिन्होंने आत्महत्या की है।
सीजेपी का कहना है कि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा लगातार कमजोर हुआ है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नीट-2026 पेपर लीक, सीबीएसई 12वीं के पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी, सीयूईटी परीक्षा में देरी तथा अन्य परीक्षा संबंधी अव्यवस्थाओं ने यह संकेत दिया है कि मौजूदा व्यवस्था बड़े सुधार की मांग कर रही है। सीजेपी का दावा है कि शिक्षा मंत्रालय इन समस्याओं को रोकने और सुधार लागू करने में विफल रहा है।
6 जून को शुरू हुआ था आंदोलन
सीजेपी के ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आंदोलन की शुरुआत 6 जून को हुई थी और उसके बाद देश के कई शहरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किए गए। 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ, जिसमें बाद में शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर वांगचुक ने 28 जून से आमरण अनशन शुरू किया।

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