लोकतंत्र बचाओ सप्ताह
आगरा में सपा का ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’, 3 से 8 अक्टूबर तक तहसीलों पर प्रदर्शन का ऐलान
आगरा: समाजवादी पार्टी ने 3 से 8 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान चलाने की घोषणा की है। आगरा जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी पदाधिकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। नेताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करने की बात कही।
मुख्य चुनाव आयुक्त और भाजपा की भूमिका पर सवाल
प्रेसवार्ता में सपा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भारतीय जनता पार्टी की भूमिका को लेकर आरोप लगाए। उनका कहना था कि विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से संबंधित शिकायतें उठाए जाने पर पर्याप्त जवाब नहीं मिल रहा है। नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
पार्टी पदाधिकारियों ने चुनावी अनियमितताओं के अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया पर आपत्ति
सपा नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित फर्जी मतदान से जुड़े मुद्दे उठाए। उनका आरोप है कि कुछ मतदाताओं के नाम तीन से चार अलग-अलग स्थानों पर दर्ज हैं। नेताओं ने दावा किया कि संबंधित अधिकारियों को साक्ष्यों के साथ शिकायतें दी गई हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
पार्टी ने मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने और संशोधन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि समाधान नहीं होने पर पार्टी कार्यकर्ता कथित अनियमितताओं को सार्वजनिक करेंगे।
गांधी और अंबेडकर प्रतिमाओं के समक्ष सत्याग्रह
अभियान की रूपरेखा बताते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि 3 से 8 अक्टूबर तक विभिन्न तहसीलों में प्रदर्शन और सत्याग्रह आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के तहत महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं के समक्ष भी धरना-प्रदर्शन करने की योजना है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, अभियान के माध्यम से गांवों और युवाओं तक पहुंचकर मतदाता अधिकारों तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सपा नेताओं का दावा
प्रेसवार्ता में मौजूद युवा नेताओं ने पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं से संबंधित मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि युवा अपने अधिकारों और रोजगार से जुड़े सवालों को लेकर जागरूक हो रहे हैं।
सपा नेताओं ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का दावा करते हुए अखिलेश यादव के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद जताई। यह पार्टी नेताओं का राजनीतिक दावा है।
प्रेसवार्ता में घोषित कार्यक्रम और लगाए गए आरोपों के संबंध में संबंधित चुनाव अधिकारियों तथा अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया मिलने पर रिपोर्ट को अपडेट किया जा सकता है।